XLRI जमशेदपुर में ‘ClockSpeed 6.0’ :आयोजित, वक्ताओं ने कहा-स्मार्ट और टिकाऊ सप्लाई चेन से तैयार होगा भविष्य का रोडमैप
आयोजित, वक्ताओं ने कहा-स्मार्ट और टिकाऊ सप्लाई चेन से तैयार होगा भविष्य का रोडमैप
Jamshedpur/Jharkhand : देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान XLRI – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में वार्षिक ऑपरेशन्स और सप्लाई चेन कॉन्क्लेव ‘ClockSpeed 6.0’ का छठा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 19 मार्च 2026 को आयोजित इस कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के दिग्गजों और शिक्षाविदों ने आधुनिक सप्लाई चेन के बदलते स्वरूप, तकनीक और स्थिरता (Sustainability) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया।
उद्योग और शिक्षा जगत के बीच निरंतर संवाद जरूरी : फादर जॉर्ज सेबेस्टियन
कार्यक्रम का शुभारंभ XLRI जमशेदपुर के निदेशक फादर जॉर्ज सेबेस्टियन, एस.जे. ने दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ प्रो. ए. कनकराज, प्रो. सुनील सारंगी, प्रो. जे. अजीत कुमार और प्रो. देबाशीष प्रधान भी उपस्थित थे। इस अवसर पर फादर जॉर्ज सेबेस्टियन ने कहा कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि आज कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी चुनौती तकनीक, चपलता (Agility) और स्थिरता के बीच संतुलन बनाना है। प्रो. जे. अजीत कुमार ने वैश्विक संकटों का उदाहरण देते हुए लचीली सप्लाई चेन की महत्ता बताई, जबकि प्रो. सुनील सारंगी ने ‘एजिल मेनिफेस्टो’ के माध्यम से भविष्य के नेताओं को जिम्मेदारी और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पैनल डिस्कशन-1 : स्मार्ट सप्लाई चेन और उभरती तकनीक
“Smart Supply Chain – Emerging Tech in Logistics & Order Fulfilment” विषय पर आयोजित पहले पैनल में कॉग्निजेंट के दीपांकर डे, टाटा स्टील के अविनाश पाणि, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स के अनिर्बान सान्याल, वेस्ट फार्मास्युटिकल के हिरेन दानी और हिंदुस्तान प्लेटिनम के अजय सिंह शामिल हुए। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे सप्लाई चेन अब बैक-ऑफिस से निकलकर बोर्डरूम की प्राथमिकता बन गई है। उन्होंने ‘क्लीन डेटा गवर्नेंस’ और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स रणनीतियों पर विशेष जोर दिया।
पैनल डिस्कशन-2 : रणनीतिक ग्रीन इंजन और सर्कुलर इकोनॉमी
दूसरे पैनल का विषय “Strategic Green Engine – Driving P&L Growth through Circularity” था। इसमें टाटा स्टील के तमल पाल, इंडियन ऑयल (IOCL) की महुआ बसु, CGI के सुब्रो रायचौधरी, कमिंस इंक के शुभंकर चटर्जी और दिल्लीवरी के लेफ्टिनेंट कर्नल अनिर्बान दास ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि स्थिरता अब केवल नियमों का पालन (Compliance) नहीं, बल्कि विकास का एक रणनीतिक जरिया है। पैनल ने ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहनों और रिवर्स लॉजिस्टिक्स जैसे नवाचारों में निवेश की आवश्यकता बताई।
भावी नेतृत्व की तैयारी
यह कॉन्क्लेव छात्रों और विशेषज्ञों के बीच संवाद का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का प्रबंधन हिमांशु शेखर (सीनियर मैनेजर – कॉर्पोरेट रिलेशंस और प्लेसमेंट) और PGDM (GM) प्लेसमेंट कमेटी के सक्रिय सहयोग से किया गया। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से XLRI भविष्य के प्रबंधकों को आधुनिक ऑपरेशन्स और सप्लाई चेन की जटिलताओं को समझने और उनका समाधान खोजने के लिए तैयार कर रहा है।
