1 अगस्त से रसोई गैस सस्ती हो सकती है‚ हर घर को मिल सकती है राहत
1 अगस्त से शुरू हो रहे नए महीने के साथ आम लोगों की जेब और दिनचर्या में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस बार भी सरकार और कंपनियों की ओर से कुछ अहम आर्थिक बदलाव लागू किए जा रहे हैं, जिनका असर रसोई से लेकर डिजिटल पेमेंट और सफर तक पर पड़ेगा। ये बदलाव मुख्यतः एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों, यूपीआई पेमेंट नियमों, सीएनजी-पीएनजी दरों, बैंकिंग सेवाओं, और बीमा लाभ से जुड़े हैं।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने सभी प्रमुख थर्ड पार्टी ऐप्स जैसे गूगल पे, फोनपे, पेटीएम आदि के लिए कुछ सीमाएं तय की हैं। अब एक यूज़र एक दिन में अधिकतम 50 बार बैलेंस चेक कर सकता है, जबकि मोबाइल नंबर से लिंक्ड बैंक अकाउंट की जांच सिर्फ 25 बार संभव होगी। ऑटो पेमेंट जैसे नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन या म्युचुअल फंड की किश्तें दिन के तीन ही स्लॉट में प्रोसेस होंगी — सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे के बीच और रात 9:30 बजे के बाद। फेल ट्रांजेक्शन स्टेटस भी एक दिन में अधिकतम 3 बार ही चेक किया जा सकेगा, और हर बार के बीच 90 सेकेंड का गैप रहेगा।गैस से जुड़ी एक और अहम खबर है — 1 अगस्त से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है।
इन गैसों की कीमतें 9 अप्रैल के बाद से स्थिर हैं, लेकिन अब इन्हें बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो ऑटो, कैब, और घरेलू किचन पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है।बैंकिंग सेक्टर से जुड़े बदलावों की बात करें तो एसबीआई ने एक बड़ा फैसला लिया है।
बैंक ने घोषणा की है कि वह अपने कुछ को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाला फ्री एयर ट्रैवल इंश्योरेंस 11 अगस्त 2025 से बंद कर देगा। यह बीमा कवर अभी तक 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का था, जो अब यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, करूर वैश्य बैंक और सेंट्रल बैंक के साथ जारी साझेदारी के तहत भी उपलब्ध नहीं रहेगा। इससे उन यात्रियों पर असर पड़ेगा जो अब तक इन कार्ड्स के तहत मुफ्त दुर्घटना बीमा का लाभ ले रहे थे।
ये सभी बदलाव सीधे तौर पर देश के करोड़ों उपभोक्ताओं से जुड़े हैं, और 1 अगस्त से इनका प्रभाव महसूस होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि लोग पहले से तैयारी कर लें और अपने खर्च और भुगतान की रणनीतियों में ज़रूरी बदलाव करें।
