June 30, 2026

5,800 टन की ‘खामोश’ परमाणु पनडुब्बी से फ्रांस की ताकत बढ़ी

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फ्रांस ने अपनी नौसेना को और अधिक शक्तिशाली बनाते हुए बराकुडा (Barracuda) श्रेणी की चौथी परमाणु-संचालित अटैक पनडुब्बी एसएसएन डी ग्रास (SSN De Grasse) को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है। करीब 5,800 टन वजनी यह अत्याधुनिक पनडुब्बी बेहद कम ध्वनि उत्पन्न करने वाली स्टेल्थ तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन के लिए इसका पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसे फ्रांस की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह पनडुब्बी नेवल ग्रुप द्वारा फ्रांसीसी नौसेना के लिए तैयार की गई है और यह छह पनडुब्बियों वाले बराकुडा कार्यक्रम की चौथी कड़ी है। इससे पहले सुफ्रेन, डुगे-ट्रुइन और टूरविल सेवा में शामिल हो चुकी हैं, जबकि रूबिस और कासाबियांका पर निर्माण कार्य जारी है। डी ग्रास ने समुद्री परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे करने के बाद नौसेना को सौंपे जाने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है।

बराकुडा श्रेणी की यह पनडुब्बी नेवल क्रूज़ मिसाइल, F21 हेवीवेट टॉरपीडो और एक्सोसेट SM39 एंटी-शिप मिसाइलों से लैस की जा सकती है। इसका हाइब्रिड प्रणोदन तंत्र, आधुनिक सेंसर और स्टेल्थ डिजाइन इसे लंबी दूरी तक गुप्त अभियानों, दुश्मन की निगरानी, समुद्री युद्ध, विशेष बलों के समर्थन और ज़मीन पर सटीक हमले जैसे मिशनों के लिए बेहद सक्षम बनाता है। यह लगभग 270 दिनों तक अभियान पर रह सकती है और इसमें 65 सदस्यीय दल तैनात किया जा सकता है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बराकुडा श्रेणी की पनडुब्बियां यूरोप की सबसे उन्नत परमाणु अटैक पनडुब्बियों में गिनी जाती हैं। अत्यधिक खामोश संचालन, लंबी परिचालन क्षमता और बहु-भूमिका युद्धक क्षमता के कारण यह फ्रांस की समुद्री सुरक्षा, निवारक शक्ति और वैश्विक सैन्य अभियानों को नई मजबूती प्रदान करेगी।