सर्च न्यूज: सच के साथ:सुप्रीम कोर्ट ने अमेज़न और फ्यूचर ग्रुप के बीच चल रहे लंबे कानूनी विवाद में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न पर लगाए गए ₹202 करोड़ के जुर्माने को रद्द कर दिया है। यह जुर्माना 2019 में फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) में अमेज़न के निवेश से जुड़े मामले में लगाया गया था।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बुधवार (27 मई 2026) को यह आदेश पारित किया। अदालत ने निर्देश दिया कि अमेज़न द्वारा जमा की गई या उससे वसूली गई किसी भी राशि को आठ सप्ताह के भीतर वापस किया जाना चाहिए। यह फैसला अमेज़न की उस अपील पर आया है जिसमें उसने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के 2022 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने CCI के जुर्माने को बरकरार रखा था।यह मामला 2019 में शुरू हुआ था जब अमेज़न ने FCPL में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी। CCI ने बाद में आरोप लगाया कि अमेज़न ने इस सौदे के लिए नियामक मंजूरी मांगते समय महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई थी। इसके परिणामस्वरूप, CCI ने दिसंबर 2021 में न केवल ₹202 करोड़ का जुर्माना लगाया था, बल्कि इस निवेश सौदे की मंजूरी को भी निलंबित कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अमेज़न को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित आठ सप्ताह के भीतर जुर्माने की राशि वापस नहीं की जाती है, तो CCI को 6% ब्याज देना होगा, और देरी होने पर यह ब्याज दर 9% प्रति वर्ष तक बढ़ सकती है। यह निर्णय अमेज़न और फ्यूचर ग्रुप के बीच हाल ही में हुए एक समझौते के बाद आया है, जिसके तहत उन्होंने अपने कानूनी विवादों को सुलझाने पर सहमति व्यक्त की थी।