बालू से भरेंगे सरकारी खजाने! हेमंत सोरेन ने अफसरों को दिया बड़ा टारगेट
रांची: झारखंड में बालू घाटों के संचालन और खनन से होने वाली आय को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से पूछा कि जिन क्षेत्रों में बालू के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, वहां से अपेक्षित राजस्व क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को राजस्व बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और अवैध परिवहन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार की आय को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बालू की उपलब्धता आम लोगों और निर्माण कार्यों के लिए बाधित न हो।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बालू घाटों के संचालन में तकनीक का अधिक उपयोग किया जाए, ताकि निगरानी बेहतर हो और राजस्व रिसाव को रोका जा सके। सरकार का मानना है कि व्यवस्थित संचालन से एक ओर राज्य की आमदनी बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार अपनी नई रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में सफल रहती है, तो झारखंड के खनन राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इससे विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री की इस समीक्षा बैठक के बाद यह साफ संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में बालू घाटों के संचालन, राजस्व वसूली और अवैध खनन के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार के निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होते हैं।
