चुनावी हार के बाद बड़ा झटका! पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार, ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ योजना में वसूली के आरोपों से मचा सियासी भूचाल
कोलकाता से गिरफ्तारी, चुनाव बाद हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
जानकारी के मुताबिक, उदयन गुहा पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजना के तहत लोगों को मकान दिलाने के नाम पर अतिरिक्त धनराशि वसूलने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि योजना के लाभार्थियों से कथित तौर पर 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त राशि ली गई थी। जिस समय यह कथित वसूली हुई, उस दौरान उदयन गुहा नगरपालिका के चेयरमैन पद पर थे।
चुनावी हार के बाद बढ़ीं मुश्किलें
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, हाल ही में दिनहाटा विधानसभा सीट पर मिली चुनावी हार के बाद उदयन गुहा लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। भाजपा उम्मीदवार से हार के बाद उन्होंने सार्वजनिक गतिविधियां भी काफी हद तक कम कर दी थीं और लंबे समय से कोलकाता में रह रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
सिर्फ वसूली नहीं, कई और आरोप भी
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री के खिलाफ केवल आर्थिक अनियमितताओं के आरोप ही नहीं हैं, बल्कि चुनाव बाद हिंसा, धमकी देने और अन्य विवादित मामलों की भी जांच चल रही है। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
क्या कहती है राजनीति?
उदयन गुहा की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी संवेदनशील बना हुआ है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का कहना है कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस उन्हें दिनहाटा लेकर पहुंच चुकी है और आगे की पूछताछ जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या नए खुलासे सामने आते हैं और क्या यह मामला बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा मोड़ लेकर आएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरफ्तारी आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ सकती है, क्योंकि मामला केवल एक नेता की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शासन, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
