G7 में ट्रंप का बड़ा दावा: “मैं ही बॉस हूं”, रूस पर सख्ती और यूक्रेन के समर्थन में दुनिया एकजुट
G7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप का बदला अंदाज, रूस पर बढ़ेगा दबाव; यूक्रेन को मिला सबसे बड़ा कूटनीतिक सहारा
यूक्रेन के लिए बदला माहौल, रूस पर बढ़ेगा दबाव
इस बार G7 सम्मेलन की सबसे बड़ी खबर यूक्रेन को लेकर सामने आई। अमेरिका समेत G7 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया। साथ ही रूस पर नए प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर भी सहमति बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों से यूक्रेन को लेकर ट्रंप का रुख अपेक्षाकृत नरम माना जाता था, लेकिन इस सम्मेलन में उनके सुर कुछ बदले हुए दिखाई दिए। यही वजह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के लिए यह बैठक कूटनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।
ईरान समझौते ने बदला वैश्विक माहौल
सम्मेलन में अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक शांति समझौते का भी स्वागत किया गया। G7 नेताओं ने उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिरता मिलेगी।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक मार्ग विकसित करने पर भी चर्चा हुई, क्योंकि हाल के महीनों में इस क्षेत्र में संघर्ष ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था।
चीन पर बढ़ी चिंता, खनिज संसाधनों पर नई रणनीति
G7 नेताओं ने चीन पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर भी चिंता जताई। विशेष रूप से रेयर अर्थ मिनरल्स और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर पश्चिमी देशों ने नई रणनीति तैयार करने के संकेत दिए हैं।फ्रांस, अमेरिका और यूरोपीय देशों का मानना है कि चीन की निर्यात नीतियों ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। ऐसे में अब वैकल्पिक स्रोतों और नई साझेदारियों पर जोर दिया जा रहा है।
AI भी बना चर्चा का बड़ा विषय
सम्मेलन के अंतिम सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर भी गहन चर्चा हुई। OpenAI के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और Anthropic के CEO डारियो अमोदेई जैसे तकनीकी दिग्गज भी इसमें शामिल हुए। नेताओं ने AI के बढ़ते प्रभाव, फेक न्यूज और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
दुनिया को क्या संदेश मिला?
G7 सम्मेलन ने साफ संकेत दिया है कि दुनिया एक नए भू-राजनीतिक दौर में प्रवेश कर रही है। यूक्रेन युद्ध, ईरान समझौता, चीन पर बढ़ती निर्भरता और AI जैसी तकनीकों ने वैश्विक राजनीति की दिशा बदल दी है।और इसी बीच ट्रंप का एक वाक्य — “मैं ही बॉस हूं” — पूरे सम्मेलन की सबसे चर्चित सुर्खियों में शामिल हो गया। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या ये बयान सिर्फ मजाक था या आने वाले महीनों की वैश्विक राजनीति का संकेत।
