‘दिशा’ की बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, जनहित से जुड़े कार्यों को पूर्ण करने पर जोर,जनप्रतिनिधियों ने ट्रैफिक पुलिस से संवेदनशील और व्यवहारिक रवैये की मांग की
सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर : जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद विद्युत वरण महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में पांच विधायक क्रमश: समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, संजीव सरदार, पूर्णिमा साहू और सोमेश चंद्र सोरेन के अलावा जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, प्रमुख, तीनों मनोनित सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधि समेत उपायुक्त राजीव रंजन, डीडीसी नागेन्द्र पासवान, सिटी एसपी, रूरल एसपी, एडीसी, धालभूम एवं घाटशिला अनुमंडल के एसडीओ व सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक़, ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों को लेकर विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई. सांसद ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने पदाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने का निर्देश दिया.बैठक में उपस्थित विधायकगणों, जिला परिषद अध्यक्ष, मेयर, प्रमुख एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं विकासात्मक आवश्यकताओं एवं संचालित योजनाओं में गुणवत्ता के संदर्भ में समिति के समक्ष अपने सुझाव रखे. संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों ने यातायात पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाये. विधायक पूर्णिमा साहू ने न्यू बाराद्वारा स्थित एपेक्स अस्पताल के पास वहीं जुगसलाई विधायक ने एमजीएम के आगे बोड़ाम-पटमदा से आनेवाले ग्रामीणों की वाहन जांच, विधायक पोटका ने दूसरे प्रदेशों जैसे बंगाल और ओडि़शा के वाहन नंबर की जांच पर अपने विचार एवं सुझाव रखे. वाहन जांच के दौरान यातायात पुलिस को संवेदनशीलता और पारदर्शिता से कार्य करने तथा व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया गया.शिलापट्ट में जनप्रतिनिधियों के नामों का उल्लेख जरुर करेंउपायुक्त ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी विकास योजना के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना तथा शिलापट्ट पर उनके नामों का उल्लेख करना अनिवार्य है. यह भी निर्देश दिया गया कि प्रखंड स्तर पर आयोजित बैठकों में सभी विभागों के पदाधिकारी अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें.
