जमशेदपुर : वृहद झारखंड कला संस्कृति मंच की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जनवरी के प्रथम रविवार, 4 जनवरी 2026 को डिमना से साकची आमबागान मैदान तक भव्य ‘डहरे टुसु परब’ का आयोजन किया जाएगा. इसी क्रम में परब की तैयारी हेतु 30 नवंबर को करम आखड़ा कमिटी, बालीगुमा में बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता स्वतंत्रता सेनानी शहीद रघुनाथ महतो के वंशज भूपेन हिन्दोयार ने की. बैठक में आगामी परब को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य एवं व्यापक बनाने पर सहमति बनी. इस बार बृहद झारखंड क्षेत्र से लाखों लोगों के जुटान की उम्मीद जताई गई है. आयोजन समिति ने बताया कि टुसु संस्कृति की गहराई और विविधता को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए कई विशेष आकर्षण शामिल किए गए हैं. बताया कि इसका मुख्य आकर्षण – 13 महीने-13 परब की अनूठी झांकी, छौ नृत्य दल की विशेष प्रस्तुति, 1000 धोमसा वादकों की भव्य झांकी, 2000 पीली साड़ी में सांस्कृतिक टीम की भागीदारी आदि होगा. वक्ताओं ने बताया कि टुसु परब, जो पहले नदी-तालाबों के किनारे मनाया जाता था उसे अब सडक़ (डहर) पर आयोजित करने का उद्देश्य हमारी संस्कृति को शहरों में पुन: स्थापित करना और उसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्री स्तर पर पहचान दिलाना है. आयोजन समिति ने सभी समितियों, स्वयंसेवकों और सांस्कृतिक समूहों को आगामी कार्यक्रम की तैयारी में तत्परता से जुटने का आग्रह किया. साथ ही आमजन से अपील की गई कि वे बड़ी संख्या में इस सांस्कृतिक महापर्व का हिस्सा बनें.