June 25, 2026

एक करोड़ ठगी केस में आरोपियों को फिर झटका

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जमशेदपुर में करीब एक करोड़ रुपये की कथित ठगी से जुड़े चर्चित मामले में अदालत ने आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सच्चिदानंद प्रसाद और सुरेश प्रसाद की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दूसरी बार खारिज कर दी। अदालत का यह फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह मामला मानगो स्थित स्पंद हॉस्पिटल (पूर्व में एलीट हॉस्पिटल) के पूर्व निदेशकों पर लगे वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा है। प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने दोनों आरोपियों पर लगभग एक करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। जांच के बाद उलियानडीह थाना पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष लागू प्रावधानों से पूर्व भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक न्यासभंग) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किए हैं।

मामले की विस्तृत सुनवाई 22 जून को हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 24 जून को सुनाए गए आदेश में अदालत ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिन्हा और श्वेता सिन्हा ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता के.एम. सिंह उपस्थित रहे।

कानूनी जानकारों का मानना है कि अग्रिम जमानत याचिका का दूसरी बार खारिज होना दर्शाता है कि अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की प्रकृति को गंभीर माना है। माना जा रहा है कि इस फैसले का आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जांच की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।