May 18, 2026

INDIA-UAE: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा: UAE और भारत के बीच 30 मिलियन बैरल कच्चे तेल का महासमझौता

131127618

सर्च न्यूज: सच के साथ: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) में 30 मिलियन बैरल कच्चे तेल (Crude Oil) के भंडारण के लिए एक ऐतिहासिक ऊर्जा समझौते को अंतिम रूप दिया है। यह महत्वपूर्ण समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई, 2026 को अबू धाबी की राजनयिक यात्रा के दौरान संपन्न हुआ, जिससे भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा

कच्चे तेल का भंडारण: संयुक्त अरब अमीरात की राष्ट्रीय तेल कंपनी, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC), भारत के भूमिगत रणनीतिक तेल भंडारों में 30 मिलियन बैरल तक कच्चा तेल सुरक्षित रखेगी।

स्वामित्व और भंडारण लागत: इस समझौते के तहत रखे जाने वाले कच्चे तेल पर मालिकाना हक (Property) यूएई (UAE) का ही रहेगा। इसके साथ ही, इस तेल को रखने की पूरी भंडारण लागत (Storage Costs) भी यूएई ही वहन करेगा।

भारत को पहला अधिकार (Priority Access): किसी भी वैश्विक भू-राजनीतिक आपातकाल (Geopolitical Emergencies) या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट (Supply Chain Disruptions) के दौरान, इस तेल भंडार पर भारत का पहला और प्राथमिक अधिकार होगा। संकट के समय भारत इस तेल का उपयोग सबसे पहले कर सकेगा।

भारत के लिए इस समझौते का महत्व

रणनीतिक भंडार में 70% की बढ़ोतरी: वर्तमान में भारत के पास विशाखापत्तनम, मैंगलोर और पाडुर में लगभग 38 मिलियन बैरल (5.3 मिलियन टन) का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व क्षमता है। यूएई द्वारा 30 मिलियन बैरल अतिरिक्त तेल रखने से भारत की आपातकालीन तेल बैकअप क्षमता में लगभग 70% की भारी वृद्धि होगी।

करदाताओं पर शून्य बोझ: चूंकि भंडारण का पूरा खर्च यूएई उठा रहा है, इसलिए भारतीय करदाताओं पर बिना किसी वित्तीय बोझ के देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है।

पश्चिम एशिया संकट से सुरक्षा: वर्तमान में पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच यह डील भारत को वैश्विक तेल झटकों (Oil Shocks) से सुरक्षित रखने में मदद करेगी।

यात्रा के अन्य महत्वपूर्ण परिणाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा के दौरान ऊर्जा के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी बड़े समझौते हुए:

$5 बिलियन (USD 5 Billion) का निवेश: यूएई ने भारत के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और वित्तीय क्षेत्रों में 5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।दीर्घकालिक LPG आपूर्ति: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और ADNOC के बीच भारत को एलपीजी (LPG) की निरंतर और दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी समझौता हुआ।

रक्षा रणनीतिक साझेदारी: दोनों देशों ने रक्षा विनिर्माण, साइबर रक्षा और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक ‘रणनीतिक रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क’ पर भी हस्ताक्षर किए।

You may have missed