CGPC President Controversy: आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में 5 मई को अदालत में पेश होंगे भगवान सिंह और गुरुचरण सिंह बिल्ला
CGPC President Controversy
जमशेदपुर, झारखंड: जमशेदपुर की सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के मौजूदा नेतृत्व पर लगे गंभीर आरोपों ने शहर में सनसनी फैला दी है। जमशेदपुर की एक विशेष अदालत ने CGPC के प्रधान भगवान सिंह और महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें आगामी 5 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साइबर क्राइम केस (संख्या 13/2025) से जुड़ा है, जिसमें यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। विशेष न्यायाधीश ने मामले के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए बीएनएसएस (BNSS) की धारा 223 के तहत यह समन जारी किया है।
पीड़िता का दर्दनाक आरोप
पीड़िता के अनुसार, उसने अपने एक पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए CGPC के तत्कालीन पदाधिकारियों से मदद मांगी थी। आरोप है कि तत्कालीन प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने डरा-धमकाकर उसका यौन शोषण किया। जब वह इस मामले की शिकायत लेकर गुरुचरण सिंह बिल्ला और भगवान सिंह के पास पहुँची, तो न्याय मिलने के बजाय उसका दोबारा शोषण किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया।
साजिश और जेल का खेल
पीड़िता ने अपने आरोपों में यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे और उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाकर 10 महीने तक जेल की हवा खिलाई। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे अन्य वीडियो की मांग की गई और वादाखिलाफी करते हुए उसे लगातार प्रताड़ित किया गया।
न्यायालय की सख्त कार्रवाई
पीड़िता के अधिवक्ता धरम चंद साह ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्यों के परीक्षण के बाद दोनों प्रभावशाली व्यक्तियों को समन जारी किया है। अब 5 मई को दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपनी सफाई देनी होगी। इस खबर के बाद से सिख समाज और शहर के प्रबुद्ध वर्गों के बीच नेतृत्व की नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
