बिहार में बढ़ते पुलिस एनकाउंटर को लेकर सियासत अब और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक नई बहस छेड़ दी है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “मैं तो पुलिस वालों को कहूंगा कि जाति पूछकर ही गोली चलाओ…” — और बस, इसी बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया।
दरअसल, बिहार में पिछले कुछ दिनों में पटना, सीवान, किशनगंज और समस्तीपुर समेत कई जिलों में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। इन एनकाउंटरों पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। खासकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि कुछ मामलों में जाति देखकर कार्रवाई की जा रही है।
इसी मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे सवाल पूछ रहे हैं जिनमें “कॉमन सेंस” की कमी दिखती है। उनका कहना था कि पुलिस का काम सुशासन और अपराध पर सख्ती करना है, न कि अपराधियों की जाति देखना।
CM सम्राट चौधरी ने मंच से यह भी कहा कि यदि कोई पुलिस को चुनौती देता है तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बिहार में अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहीं भी तेजस्वी यादव का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे सीधे तौर पर विपक्ष के आरोपों का जवाब मान रहे हैं। दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश भेजते हैं और सरकार को संवेदनशील मुद्दों पर अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोग इसे “व्यंग्य” बता रहे हैं, जबकि कई इसे मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के खिलाफ मान रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह बयान बिहार की राजनीति में कितना बड़ा मुद्दा बनता है, क्योंकि चुनावी माहौल के बीच कानून-व्यवस्था और जाति की राजनीति दोनों ही राज्य में बेहद संवेदनशील विषय बने हुए हैं।