June 5, 2026

जेल से निकलने ही वाला था आरोपी, पुलिस ने गेट पर ही फिर दबोच लिया

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गिरिडीह: कभी-कभी कानून का शिकंजा ऐसा कसता है कि आरोपी को लगता है वह आजाद होने वाला है, लेकिन अगले ही पल कहानी पूरी तरह बदल जाती है। गिरिडीह में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब नगर निकाय चुनाव के दौरान हुई चर्चित फायरिंग कांड के आरोपी को जेल से रिहाई मिलने वाली थी, लेकिन जेल का गेट पार करने से पहले ही पुलिस ने उसे एक अन्य मामले में फिर गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी मंटू सिन्हा लंबे समय से न्यायिक हिरासत में था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी रिहाई की तैयारी चल रही थी। जेल प्रशासन की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं, तभी पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया।

इस अप्रत्याशित कार्रवाई ने न केवल आरोपी को बल्कि वहां मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया। जिन लोगों को लग रहा था कि आरोपी अब जेल से बाहर आ जाएगा, वे पुलिस की इस रणनीतिक कार्रवाई को देखकर चौंक गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज अन्य मामलों की जांच जारी थी। जांच में मिले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर उसकी दोबारा गिरफ्तारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचने नहीं दिया जाएगा।

नगर निकाय चुनाव के दौरान हुई फायरिंग की घटना पहले ही इलाके में काफी चर्चा का विषय रही थी। ऐसे में आरोपी की रिहाई से पहले हुई इस गिरफ्तारी ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब पुलिस आगे की पूछताछ और जांच के जरिए मामले के अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि कानून की नजर से बच निकलना इतना आसान नहीं है। जेल से बाहर निकलने की उम्मीद लगाए बैठे आरोपी के लिए आजादी का दरवाजा खुलने से पहले ही एक और कानूनी मुश्किल सामने खड़ी हो गई।

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