ईश्वर की प्राप्ति का सरल साधन है कीर्तन : सुनील आनंद
जमशेदपुर। आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से सालगाजुड़ी एवं सरजामदा में आध्यात्मिक जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सामूहिक कीर्तन, नारायण सेवा, वस्त्र वितरण और निःशुल्क पौधा वितरण किया गया।कार्यक्रम में वक्ता सुनील आनंद ने कहा कि वर्तमान समाज में तामसिक और राजसिक प्रवृत्तियाँ बढ़ रही हैं। इन पर संतुलन लाने और लोगों को आध्यात्मिक भाव से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कीर्तन का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक कीर्तन केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं, बल्कि मानसिक शक्ति को भी एक ही भावधारा में प्रवाहित करता है, जिससे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसका लाभ न सिर्फ प्रतिभागियों को बल्कि आसपास के लोगों को भी मिलता है।उन्होंने कहा कि कीर्तन मन को संयमित कर इंद्रियों के विषयों से वैराग्य दिलाता है। यह साधना व्यक्ति को आत्मिक एवं मानसिक स्वतंत्रता का अनुभव कराती है और जीवन में प्रेम, सहानुभूति और एकाग्रता की भावना उत्पन्न करती है।अंत में संदेश दिया गया कि कीर्तन हमें अद्वैत संबंध का अनुभव कराता है, जहां हम सभी में ईश्वर की दिव्य आत्मा का दर्शन कर सकते हैं।

