June 30, 2026

नींव तैयार, अब टाटा लीज़ समझौते का इंतजार खत्म?

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जमशेदपुर के बहुप्रतीक्षित टाटा लीज़ समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने विश्वास जताया है कि नया लीज़ समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है। उनका कहना है कि सरकार और कंपनी के बीच बातचीत रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते के पूरा होते ही शहर में औद्योगिक विकास, आधारभूत ढांचे और निवेश को नई गति मिलेगी।

जमशेदपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में सुंदरा रामम ने बताया कि लीज़ नवीनीकरण की प्रक्रिया में कोई बड़ी बाधा नहीं है। राज्य सरकार के स्तर पर इसे शीघ्र पूरा करने के प्रयास जारी हैं और कंपनी ने आवश्यक सभी दस्तावेज पहले ही संबंधित विभागों को सौंप दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती बैठक में कोल्हान आयुक्त ने लीज़ से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी जुटाई थी, जिसके बाद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है।

गौरतलब है कि झारखंड सरकार और टाटा स्टील के बीच वर्ष 2005 में हुआ लीज़ समझौता 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। यह समझौता 1 जनवरी 1996 से प्रभावी मानते हुए 30 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया गया था। लीज़ अवधि समाप्त होने के बाद लगभग 10,852.27 एकड़ भूमि तकनीकी रूप से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आ गई है। हालांकि, नए समझौते पर हस्ताक्षर होने तक टाटा स्टील शहर में नागरिक सुविधाओं और आवश्यक बुनियादी सेवाओं का संचालन केयरटेकर के रूप में जारी रखे हुए है।

यह लीज़ क्षेत्र स्टील प्लांट, आवासीय कॉलोनियों, पार्कों, सामुदायिक परिसरों, व्यावसायिक क्षेत्रों, सब-लीज़ वाली जमीन और भविष्य के विकास के लिए आरक्षित भूमि सहित पांच अलग-अलग हिस्सों में विभाजित है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए लीज़ समझौते पर मुहर लगने से औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश का रास्ता आसान होगा और जमशेदपुर के नियोजित विकास को दीर्घकालिक स्थिरता मिल सकेगी।