NEET परीक्षा से पहले बड़ा एक्शन! भारत में Telegram पर लगी रोक, NTA बोला— ‘छात्रों को ठग रहे थे गैंग’
फर्जी पेपर लीक के खेल पर सरकार का शिकंजा, करोड़ों यूजर्स प्रभावित; Telegram संस्थापक ने फैसले पर उठाए सवाल
जानकारी के मुताबिक, 22 जून तक लागू इस अस्थायी रोक के बाद कई टेलीकॉम नेटवर्क पर Telegram की सेवाएं बंद हो गईं, जबकि Google Play Store और Apple App Store से भी ऐप को हटा दिया गया। यह पहली बार है जब भारत में इतने बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाले किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इस तरह की कार्रवाई की गई है।
NTA का दावा है कि परीक्षा से पहले कई Telegram चैनल और ग्रुप कथित तौर पर NEET के प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार, ये गिरोह छात्रों और अभिभावकों के डर का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे। साइबर एजेंसियों और विभिन्न राज्यों की पुलिस की मदद से ऐसे कई चैनलों और बॉट्स को हटाया भी गया।
मामला यहीं नहीं रुका। सरकार ने Telegram के ‘मैसेज एडिट’ फीचर पर भी अस्थायी रोक लगाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग परीक्षा के बाद पुराने संदेशों को एडिट कर यह दिखाने की कोशिश करते थे कि उनके पास पहले से प्रश्नपत्र मौजूद था। इससे छात्रों के बीच भ्रम और अफवाहें फैलती थीं।
इस बीच Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने भारत सरकार के फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि कुछ गलत तत्वों की वजह से करोड़ों सामान्य उपयोगकर्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि Telegram ने पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे सैकड़ों चैनल हटाए हैं जो फर्जी पेपर लीक और स्कैम से जुड़े थे।
हालांकि NTA ने साफ किया है कि यह कदम केवल परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है और यह प्रतिबंध सीमित अवधि के लिए है। एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया कि Telegram का इस्तेमाल शिक्षा, व्यापार और व्यक्तिगत संवाद के लिए करने वाले लाखों लोगों को इससे असुविधा हुई है।
फिलहाल NEET री-एग्जाम से पहले सरकार और एजेंसियों का संदेश साफ है— परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अब सबकी निगाहें 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके बाद की स्थिति पर टिकी हैं।
