June 17, 2026

पंजाब में कांग्रेस का बड़ा दांव! AAP को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी, राहुल गांधी ने दिया साफ संदेश

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चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हलचल तेज हो गई है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब पूरी ताकत के साथ खुद को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के सबसे बड़े चुनौतीकर्ता के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए पार्टी संगठन, नेतृत्व और चुनावी समीकरणों की गहन समीक्षा शुरू हो चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब इकाई के साथ कई अहम बैठकों का दौर चलाया है। पार्टी का मानना है कि यदि आंतरिक मतभेदों को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए, तो आगामी चुनावों में वह मजबूत वापसी कर सकती है।

दरअसल, कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी की चुनौती से जूझ रही है। इसी बीच फरवरी में पंजाब दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने राज्य के नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि चुनावी लड़ाई जीतनी है तो सभी को एक टीम की तरह काम करना होगा। राहुल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई थी जब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी में दलित समुदाय को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई थी। उनके बयान ने कांग्रेस के अंदर मौजूद मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ AAP नहीं, बल्कि अपनी संगठनात्मक एकजुटता भी है। पार्टी नेतृत्व अब यह समझ चुका है कि बिखरी हुई रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

वहीं, AAP सरकार को लेकर जनता के बीच बढ़ती नाराजगी, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों को कांग्रेस आगामी चुनाव में प्रमुख हथियार बनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी की कोशिश है कि वह खुद को पंजाब के मतदाताओं के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश करे।

आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि कांग्रेस की यह नई रणनीति पंजाब की राजनीति में कितना असर छोड़ती है। फिलहाल इतना तय है कि विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ने वाला है और मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प होने जा रहा है।

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