June 19, 2026

NEET री-एग्जाम से लाखों छात्रों की बढ़ी बेचैनी

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देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली NEET-UG एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा परिणाम रद्द होने से अब 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। रविवार को होने वाले री-एग्जाम से पहले छात्रों में भारी तनाव और अनिश्चितता का माहौल है। कई छात्र इसे अपनी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का परिणाम बता रहे हैं।

कश्मीर के श्रीनगर से लेकर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों तक छात्र मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद पहली परीक्षा अच्छी दी थी, लेकिन अब दोबारा उसी तैयारी और मानसिक स्थिति में लौटना बेहद मुश्किल हो गया है। कई छात्रों ने चिंता, अनिद्रा और तनाव की शिकायत की है, जबकि कुछ ने पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक लेनी शुरू कर दी है।

पेपर लीक विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। केंद्र सरकार ने निष्पक्ष परीक्षा कराने का भरोसा दिया है और कथित लीक की जांच के लिए कई एजेंसियों को लगाया गया है। इस बीच परीक्षा अवधि तक टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया है, क्योंकि जांच एजेंसियों को संदेह है कि कुछ अवैध गतिविधियों में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हुआ हो सकता है।

सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने, प्रश्नपत्र सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी नई व्यवस्थाओं का ऐलान किया है। बावजूद इसके, लाखों छात्रों के मन में एक ही सवाल है—क्या इस बार उनकी मेहनत को न्याय मिलेगा? देश के भविष्य के डॉक्टर बनने का सपना देख रहे इन युवाओं के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि भरोसे और निष्पक्षता की भी परीक्षा बन चुकी है।