राम मंदिर टिप्पणी पर ओवैसी का तीखा तंज
बिजनौर के नजीबाबाद दौरे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर ट्रस्ट में एक मुसलमान होता, तो घोटाले का आरोप उसी पर लगाकर उसका एनकाउंटर कर दिया जाता और बुलडोजर चलाकर मामला बंद कर दिया जाता। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का भी जिक्र किया। उन्होंने संभावित राजनीतिक गठबंधनों, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआईएमआईएम का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि शासन और कानून व्यवस्था से जुड़े सवालों को जनता के सामने लाना है।
ओवैसी के इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है। एक ओर उनके समर्थक इसे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे भड़काऊ और विवादित टिप्पणी करार दे सकते हैं। ऐसे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब केवल जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी का भी केंद्र बनता जा रहा है।
