“Anna Lezhneva, the Russian daughter-in-law, embraced the simplicity of Indian culture”: रूस की बहू ने तिरुमला में अपनाई भारतीय संस्कृति की सादगी, श्रद्धा और समर्पण की मिसाल बनीं उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की पत्नी अन्ना लेझनेवा
सर्च न्यूज: सच के साथ: तिरुमला: आस्था की कोई सीमा नहीं होती — यह बात तब और सच साबित हुई जब आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की पत्नी और रूस मूल की श्रीमती अन्ना लेझनेवा तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में भारतीय परंपरा को पूरे सम्मान के साथ निभाती हुई नजर आईं। मंदिर में सेवा और प्रार्थना के बाद अन्ना लेझनेवा ने परंपरा के अनुसार *केश दान* किया। तिरुमला में सिर मुंडन को भक्त श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानते हैं। इसके बाद उन्होंने नीले-गुलाबी रंग की साड़ी, मंगलसूत्र और पारंपरिक आभूषणों में केले के पत्ते पर अन्नप्रसाद ग्रहण किया।
पृष्ठभूमि में अन्य श्रद्धालुओं के साथ बैठकर भोजन करना और स्टील के गिलास से पानी पीना — यह दृश्य भारतीय सादगी और आध्यात्मिकता का जीवंत उदाहरण बन गया। रूस से आई बहू का इस तरह भारतीय रीति-रिवाजों को आत्मसात करना न सिर्फ उनके संस्कारों को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संस्कृति और श्रद्धा की कोई भाषा या सीमा नहीं होती। अन्ना लेझनेवा का यह व्यवहार सोशल मीडिया पर लोगों के दिलों को छू रहा है। लोग इसे “रूस की बहू द्वारा भारतीय संस्कृति को अपनाने की प्रेरणादायक मिसाल” बता रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि उनका यह कदम आपसी सम्मान और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। तिरुमला में अन्ना लेझनेवा का यह भाव न केवल व्यक्तिगत आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जब मन में श्रद्धा हो तो परंपराएं अपने-आप अपनाई जाती हैं।
