टाटानगर रेलवे पार्सल विभाग में गड़बड़ी का खेल? जांच की आंच से मचा हड़कंप, उठे बड़े सवाल
पार्सल बुकिंग में अनियमितताओं की शिकायतों ने बढ़ाई चिंता, रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में पार्सल के वजन, शुल्क निर्धारण और दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। शिकायतें सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है।
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि पार्सल सेवा रेलवे की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में यदि नियमों के विपरीत कोई काम हुआ है तो इसका सीधा असर राजस्व और व्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
इस बीच पार्सल कार्यालय में कर्मचारियों और एजेंटों के बीच भी चर्चा का माहौल गर्म है। जांच की खबर सामने आने के बाद कई लोग सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से किसी बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच पूरी होने तक सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
क्या खुलेंगे बड़े राज?
टाटानगर रेलवे स्टेशन पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। यहां से हर दिन बड़ी मात्रा में पार्सल देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। ऐसे में यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो इसका असर केवल विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रेलवे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में आखिर क्या निकलकर सामने आता है। क्या यह सिर्फ प्रशासनिक चूक है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा, लेकिन फिलहाल टाटानगर का पार्सल विभाग सुर्खियों में बना हुआ है।
