NH-27 पर बिछा पुलिस का जाल, 10.54 किलो अफीम के साथ धरे गए तस्कर! झारखंड-बिहार नेटवर्क का बड़ा खुलासा
मोतिहारी:
मामला तब सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद रंग की कार के जरिए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एनएच-27 स्थित नरसिंह बाबा मंदिर के पास जाल बिछा दिया।
मंदिर के पास रुकी कार और खुल गया बड़ा राज
जैसे ही संदिग्ध एर्टिगा कार मौके पर पहुंची, पुलिस और एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया। तलाशी के दौरान कार से 10.54 किलो अफीम बरामद हुई। बरामदगी के साथ ही तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि मामला सिर्फ एक खेप का नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
झारखंड से गया तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के चतरा जिले के दो युवक और बिहार के गया जिले का एक आरोपी शामिल है। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से राज्यों के बीच मादक पदार्थों की आवाजाही में सक्रिय था। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पूछताछ ने पहुंचाया मुख्य सप्लायर तक
गिरफ्तार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गोविंदगंज क्षेत्र में छापेमारी कर मुख्य सप्लायर जितेंद्र चौधरी को भी दबोच लिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही व्यक्ति पूरे नेटवर्क को माल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद अफीम की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी अंतिम डिलीवरी किसे दी जानी थी। साथ ही आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और संपर्क सूत्रों की भी गहन जांच की जा रही है।
नशे के कारोबार पर बड़ी चोट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को उसी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मोतिहारी पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे कर सकती है। फिलहाल डुमरियाघाट थाने में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नजर अब अगले खुलासे पर
10.54 किलो अफीम की यह बरामदगी सिर्फ एक जब्ती नहीं, बल्कि उन तस्करी नेटवर्कों के खिलाफ बड़ी चेतावनी है जो राज्यों की सीमाओं का फायदा उठाकर नशे का कारोबार चला रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आगे कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और इस नेटवर्क की जड़ें आखिर कितनी गहरी हैं।
