वोटर लिस्ट में नाम है तो यह खबर जरूर पढ़िए! झारखंड में शुरू हुआ बड़ा अभियान, घर-घर पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम
रांची/झारखंड: आने वाले चुनावों से पहले झारखंड में मतदाता सूची को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 के तहत राज्यभर में मतदाता सूची के सत्यापन और अद्यतन का अभियान शुरू किया जा रहा है। इस बीच चुनाव आयोग ने लोगों की शंकाओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में घर-घर होने वाले सर्वे और गणना (Enumeration) के दौरान किसी भी मतदाता से कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा।
हाल के दिनों में कई लोगों के बीच यह भ्रम फैल गया था कि सर्वे के दौरान आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज जमा कराने होंगे। इसी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय ने साफ किया है कि मैपिंग और एन्यूमरेशन के शुरुआती चरण में किसी भी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों का मुख्य फोकस केवल मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन और रिकॉर्ड को अद्यतन करना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण एक व्यापक प्रक्रिया है, जिसका मकसद मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है। इस प्रक्रिया के दौरान मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों की पहचान भी की जाएगी, जबकि नए और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की दिशा में भी काम होगा।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जब भी बूथ लेवल अधिकारी उनके घर पहुंचे, तो वे सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। चुनाव आयोग का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती एक सटीक मतदाता सूची से ही शुरू होती है और इसमें जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
झारखंड में शुरू होने वाला यह अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे में यदि आपका नाम मतदाता सूची में है, तो आने वाले दिनों में आपके दरवाजे पर भी चुनाव आयोग की टीम दस्तक दे सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सही जानकारी दें और लोकतंत्र के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।
