June 17, 2026

वोटर लिस्ट महाअभियान में झारखंड ने रचा रिकॉर्ड! BLO की मेहनत से 79% मतदाताओं की मैपिंग पूरी, CEO के. रवि कुमार ने कही बड़ी बात

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रांची: झारखंड में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी बीच राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता मैपिंग अभियान में झारखंड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए लगभग 79 प्रतिशत मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची से सफल मिलान कर लिया है। यह उपलब्धि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की लगातार मेहनत और चुनाव आयोग की रणनीतिक निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने इस उपलब्धि को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि राज्यभर में मतदाता सत्यापन और मैपिंग का कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जिन लोगों का नाम अभी तक मैप नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपने BLO से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करें।

दरअसल, चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में किसी मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट व्यक्ति का नाम न रहे और हर पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहे। इसी मकसद से पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि लाखों मतदाताओं की मैपिंग पिछले कुछ सप्ताह में ही पूरी की गई है, जिससे चुनावी तैयारियों को नई गति मिली है।

इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बने हैं BLO। गांवों से लेकर शहरों तक बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। कई जगह विशेष कैंप लगाकर लोगों को जानकारी दी जा रही है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। रांची समेत कई जिलों में विशेष शिविरों के माध्यम से प्रक्रिया को और तेज किया गया।

CEO के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं की मैपिंग पहले ही हो चुकी है, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, अनमैप्ड मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराना होगा ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल रह सके।

चुनावी दृष्टि से यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक दलों की भी इस पर पैनी नजर है, क्योंकि सही और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला होती है। राज्य निर्वाचन तंत्र का दावा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा तथा शत-प्रतिशत मैपिंग का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

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