कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दक्षिण 24 परगना जिले की दो अहम सीटों—डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम—के 15 पोलिंग बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान शुरू हो गया है. यह फैसला चुनाव आयोग ने राज्य चुनाव तंत्र से मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया है. री-पोलिंग का यह कदम बीजेपी की शिकायत के बाद उठाया गया. पार्टी ने आरोप लगाया था कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और धांधली हुई थी. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने जांच के बाद मगरहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया. डायमंड हार्बर सीट को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, इसलिए यहां हो रही री-पोलिंग पर सभी दलों की खास नजर है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों के नतीजे चुनावी समीकरण पर असर डाल सकते हैं. इधर, इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में टीएमसी की याचिका पर भी सुनवाई होनी है. पार्टी ने कोलकाता उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें चुनाव आयोग के निर्देश के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी गई थी. चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि 4 मई को मतगणना के दौरान काउंटिंग सेंटर्स पर केवल केंद्रीय बलों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया जाए. बीजेपी ने टीएमसी के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दबाव में हैं, क्योंकि कई एग्जिट पोल में राज्य में बीजेपी की बढ़त दिखाई गई है. वहीं, ममता बनर्जी ने इन दावों को खारिज करते हुए विश्वास जताया है कि उनकी पार्टी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी करेगी. री-पोलिंग और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और तेज हो गया है. अब सबकी नजरें आनेवाले नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की सियासत की दिशा तय करेंगे.