April 20, 2026

Bihar: EOU takes major action against DSP Gautam Kumar: DSP गौतम कुमार के खिलाफ EOU की बड़ी कार्रवाई, पत्नी औऱ 5 गर्लफ्रेंड्स के नाम पर मिली संपत्ति”

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सर्च न्यूज: सच के साथ: बिहार: बिहार के किशनगंज में तैनात रहे SDPO (Sub-Divisional Police Officer) गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है।

अप्रैल 2026 में हुई इस बड़ी कार्रवाई में भ्रष्टाचार और निजी संबंधों के हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं।

मुख्य खुलासे और ईओयू की कार्रवाई:

निलंबन और आय से अधिक संपत्ति: गौतम कुमार को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। उन पर उनकी वैध आय से लगभग 60% अधिक, यानी करीब ₹1.94 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में उनकी कुल ‘काली कमाई’ का नेटवर्क ₹80 करोड़ से ₹100 करोड़ तक बताया जा रहा है।

पत्नी और महिला मित्रों के नाम संपत्ति:

ईओयू की जांच में सामने आया है कि गौतम कुमार ने अपनी पत्नी के अलावा 5 महिला मित्रों (Girlfriends) के नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित की थी।

शगुफ्ता शमीम: इनके नाम पर पूर्णिया में कई भूखंड (प्लॉट) खरीदे गए थे, जिन्हें बाद में बेटों के नाम गिफ्ट कर दिया गया।

बेचनी: एक अन्य महिला मित्र जिसके लिए संपत्ति खरीदी गई और उसे पटना स्थित आवास पर भी लाया गया था।

महिला सिपाही व साली: जांच में पुलिस विभाग की ही एक महिला सिपाही और उनकी खुद की साली से भी संबंधों और वित्तीय लेन-देन की बात सामने आई है।

नौकरानी (पारो): गौतम कुमार की नौकरानी पारो के नाम पर भी जमीन खरीदी गई और उसे थार (Thar) जैसी महंगी गाड़ी दी गई थी।

विस्तृत संपत्ति नेटवर्क:

बिहार के अलावा उन्होंने सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में चाय के बागान, नोएडा और गुरुग्राम में फ्लैट्स, और नेपाल के झापा जिले में भी प्रॉपर्टी खरीदी है। पूर्णिया के डगरूआ में करीब 40 बीघा जमीन के दस्तावेज़ भी मिले हैं।

जांच का कारण: यह मामला तब खुला जब केंद्र सरकार को एक खुफिया रिपोर्ट (IB रिपोर्ट) भेजी गई, जिसमें बताया गया था कि किशनगंज जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में तैनाती के दौरान अपराधियों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शून्य थी।

ताजा अपडेट थार गाड़ी और सबूत मिटाने की कोशिश:

19 अप्रैल को किशनगंज के SDPO कार्यालय में देर रात एक ‘थार’ गाड़ी की एंट्री से हड़कंप मच गया। पुलिस को शक है कि सस्पेंडेड डीएसपी के समर्थक वहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे थे।सहयोगी की गिरफ्तारी: इस मामले में किशनगंज के पूर्व थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन को भी ईओयू ने गिरफ्तार किया है। वे गौतम कुमार के ‘राजदार’ माने जा रहे हैं और उनके पास से भी ₹50 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का सुराग मिला है।

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