लखनऊ: बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर पहुंच गई है। संभल, मुजफ्फरनगर, चंदौली, सहारनपुर, मेरठ, अयोध्या और आजमगढ़ समेत कई जिलों में पुलिस और प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर नमाज और खुले में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी।
त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च और पैदल गश्त कर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रहा है ताकि अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी निगरानी और विशेष मॉनिटरिंग टीमों की मदद ली जा रही है। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया गया है जहां पहले तनाव या विवाद की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
प्रशासन ने धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार पूरी आस्था और भाईचारे के साथ मनाया जाए, लेकिन कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं, विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सरकार की सख्ती पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान प्रशासन को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ काम करना चाहिए। हालांकि सरकार का दावा है कि ये कदम केवल शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।
बकरीद से पहले पूरे यूपी में बढ़ी सुरक्षा और प्रशासनिक सक्रियता ने साफ कर दिया है कि सरकार इस बार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि त्योहार के दौरान हालात कितने शांतिपूर्ण बने रहते हैं।