May 30, 2026

Demand for inclusion of Kudmali language in the 8th Schedule:कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, गृह मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक

Screenshot_20260425_162736_WhatsAppBusiness

सर्च न्यूज: सच के साथ: गृह मंत्रालय में बुधवार को आयोजित इस बैठक में कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में जोड़ने और आगामी जनगणना 2026-27 में इसके भाषाई चिह्नीकरण पर चर्चा की गई। इस बैठक में समाजसेवी अमित महतो ने कुड़मी-कुड़माली समुदाय का प्रतिनिधित्व किया। कुड़माली और राजबंशी जैसी भाषाओं को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में फैले कुड़माली भाषी लोग अपनी भाषा के संरक्षण और विकास के लिए इसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी आश्वासन दिया था कि सरकार कुड़माली और राजबंशी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने का प्रयास करेगी। हालांकि, गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 8वीं अनुसूची में किसी भी भाषा को शामिल करने के लिए वर्तमान में कोई निश्चित मानदंड तय नहीं है। हाल ही में कुड़माली भाषा विकास परिषद द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को कक्षा 8वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी तेज हुई है। समर्थकों का तर्क है कि आधिकारिक मान्यता मिलने से भाषा का संरक्षण सुनिश्चित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसकी सांस्कृतिक विरासत बची रहेगी।

You may have missed