धनबाद (केंदुआ) – आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से जूझ रही केंदुआ बाजार निवासी पूजा देवी की पीड़ा शुक्रवार को तब सामने आई जब उन्होंने बताया कि वे अपने ऊपर चढ़े कर्ज को चुकाने के लिए अपनी एक किडनी बेचने को मजबूर हो चुकी हैं।
पूजा देवी के अनुसार, उन्होंने दो प्राइवेट बैंकों और एक स्थानीय महिला से करीब एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। हर महीने दोनों बैंकों को आठ-आठ हजार रुपये की किस्त देनी होती है, साथ ही निजी लेनदार का ब्याज अलग से चुकाना होता है।पूजा देवी ने बताया कि इस महीने वह किस्त नहीं दे पाईं, जिसके बाद बैंक कर्मचारियों ने रात में उनके घर आकर बदसलूकी की और उन्हें धमकाया।
इस भयावह माहौल में वे अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं और फिलहाल दूसरे के घर में शरण लेनी पड़ी है। पूजा का कहना है कि लगातार हो रही धमकियों और अपमानजनक व्यवहार से तंग आकर उन्होंने अपनी एक किडनी बेचने का मन बना लिया और इसके लिए एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल) के चक्कर काट रही थीं।इस दर्दनाक मामले की जानकारी मिलते ही धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने शुक्रवार को पूजा देवी के घर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।
पूजा ने विधायक को बताया कि एक किस्त चुकाने में चूक होते ही बैंक कर्मचारी किस तरह रात में घर आकर डराने-धमकाने लगते हैं। इस पर विधायक ने संबंधित प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों से फोन पर बात की और महिला को कुछ माह की मोहलत देने का अनुरोध किया।मामला अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के संज्ञान में भी आ गया है।
डालसा सचिव ने पूजा देवी और उनके परिजनों को दो अगस्त, शनिवार को कार्यालय में बुलाया है, जहां मामले की विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पूजा देवी की जीविका एक छोटी दुकान के सहारे चलती है, जबकि उनके पति फेरी लगाकर गुज़ारा करते हैं। आय सीमित है, लेकिन खर्च और कर्ज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब जब पूजा की मानसिक स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि वे अपनी किडनी बेचने पर उतारू हैं, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता की कहानी बन गया है।