June 30, 2026

दिल्ली की जहरीली हवा ने छीनी गिग वर्कर्स की सेहत

download

नई दिल्ली की जहरीली हवा अब केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि लाखों गिग वर्कर्स के जीवन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी से जुड़े हजारों कर्मचारी रोज़ाना कई घंटे खुले आसमान के नीचे प्रदूषित वातावरण में काम करने को मजबूर हैं। बेहतर भविष्य की तलाश में राजधानी पहुंचे कई युवा अब रोज़गार और सेहत के बीच कठिन चुनाव करने की स्थिति में हैं।

25 वर्षीय डिलीवरी एजेंट रोहित कुशवाहा भी उन्हीं लाखों कर्मचारियों में शामिल हैं, जो सीमित आय के बावजूद परिवार का खर्च चलाने के लिए प्रदूषण के बीच काम करते हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लंबे समय तक गंभीर श्रेणी में रहने और पीएम 2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक होने के कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महंगे सुरक्षा उपकरण खरीदने में असमर्थ कई कर्मचारी साधारण कपड़े से ही चेहरा ढककर काम करते हैं।

देश में गिग इकोनॉमी तेज़ी से बढ़ रही है और अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या दोगुनी हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से डिलीवरी कर्मचारियों में फेफड़ों की बीमारियां, मानसिक तनाव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। हाल के महीनों में बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों, स्वास्थ्य सुरक्षा और रोजगार स्थिरता की मांग को लेकर कई गिग वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।

पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से निपटने के लिए सरकार और कंपनियों दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। उच्च गुणवत्ता वाले मास्क, स्वास्थ्य बीमा, स्वच्छ विश्राम स्थल, रियल-टाइम एयर क्वालिटी अलर्ट और गंभीर प्रदूषण के दौरान कार्यभार में राहत जैसी व्यवस्थाएं तत्काल लागू की जानी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक प्रदूषण नियंत्रण और श्रमिक सुरक्षा साथ-साथ नहीं बढ़ेगी, तब तक राजधानी की जहरीली हवा लाखों गिग वर्कर्स की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेगी।