May 12, 2026

गरुड़ ने भगवान को नाग फांस के बंधन से किया मुक्त

IMG-20251228-WA0009

सोनारी गीता भवन में चल रहे श्रीराम कथा संपन्न, भंडारा में ग्रहण किया प्रसाद

जमशेदपुर : सोनारी कैलाशनगर स्थित गीता भवन में नौ दिनों तक चले श्रीरामकथा ज्ञान यज्ञ का आज विशाल भंडारा के साथ समापन हो गया. अंतिम दिन कथावाचक आचार्य रविकांत वत्स (हरियाणा) ने रामकथा में उत्तर कांड का वर्णन किया. कहा कि लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम ने सुग्रीव, हनुमान, विभीषण के अलावा सीता व लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापसी की. इस दौरान वे न सिर्फ भरत से मिले बल्कि राज सिंहासन ग्रहण करते हुए रामराज्य की स्थापना की.
उन्होंने कहा कि अयोध्या में गुरु वशिष्ठ ने भगवान का राज्याभिषेक करते हुए उन्हें सिंहासन में बैठाया. भगवान राम का राज्य त्रेता युग के अंत तक चला. आचार्य ने काग भुशुंडी और गरुड़ कथा का भी वर्णन किया. कहा कि मेघनाद ने जब भगवान राम और लक्ष्मण पर नाग फांस के बंधन में बांधा तो हनुमान गरुड़ को लेकर पहुंचे. तब गरुड़ ने भगवान को बंधन से मुक्त किया लेकिन उन्हें शंका हुई कि भगवान कैसे नाग फांस से बाहर नहीं निकल सके. उनकी इस शंका को दूर करने के लिए भगवान शिव ने गरुड़ को काग भुशुंडी के पास भेजा जहां उन्होंने भगवान राम की महिमा का वर्णन करते हुए उनकी शंका को समाप्त की. कथा के समापन के बाद बनारस के अस्सी घाट से आए पुरोहितों ने पंङित साकेत पांडेय के नेतृत्व में व्यासपीठ की आरती उतारी. इसके बाद महा भंडारे का आयोजन हुआ जहां 400 से अधिक भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया.

You may have missed