जमशेदपुर : लोयोला स्कूल, टेल्को में अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे प्राचार्या, प्रबंधन के सदस्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे. शुरुआत में बताया गया कि नई कक्षा में प्रवेश केवल एक अगला कदम नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ती है, जिम्मेदारियाँ विकसित होती हैं और व्यक्तित्व का निर्माण सुदृढ़ होता है. अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर विशेष बल दिया गया. साथ ही विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया गया. इसके पश्चात शिक्षिका ज़ीनत ने प्रार्थना कराई, जिसमें नए सत्र के लिए ज्ञान, धैर्य और सफलता की कामना की गई. कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधन दल का परिचय कराया गया. कक्षा एवं विषय शिक्षकों ने स्वयं का परिचय देते हुए अभिभावकों को अपनी भूमिकाओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की. प्राचार्या चरणजीत ओहसन ने शैक्षणिक अपेक्षाओं, अनुशासन एवं विद्यालय–अभिभावक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने आईसीएसई परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन पद्धति एवं विद्यालय के नियमों की जानकारी भी साझा की. विद्यालय के प्रशासक फादर जेराल्ड रवि डी’सूज़ा ने विद्यालय की नीतियों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी दी और अभिभावकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया. उप-प्राचार्या ने पाठ्यक्रम संरचना, मूल्यांकन प्रणाली एवं शैक्षणिक अपेक्षाओं को समझाया. कार्यक्रम के दौरान प्रभावी अध्ययन पद्धतियों, भावनात्मक संतुलन एवं समय प्रबंधन के महत्व पर भी चर्चा की गई. मौके पर संवाद सत्र में अभिभावकों ने अपने प्रश्न एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिनका शिक्षकों द्वारा समाधान किया गया. विद्यालय ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार जताया.