Jamshedpur Traffic Police : भाजपा नेता अंकित का सवाल : क्या ‘जेल’ चेतावनी है कानूनी?
चेकपोस्ट वीडियो विवाद ने पकड़ा तूल, प्रत्यायुक्त विधान समिति तक पहुंचाया मामला
जमशेदपुर : जमशेदपुर में ट्रैफिक पुलिस चेकपोस्ट के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने पर कार्रवाई और जेल की चेतावनी से जुड़ा मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्तत विधान समिति के सभापति को आवेदन भेजकर पूरे प्रकरण की जांच और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग की है. पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी समेत जिले के एसएसपी को भी ईमेल द्वारा भेजी गई है.
आवेदन में भाजपा नेता ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ऐसा कोई आदेश राज्य सरकार द्वारा विधिवत अधिसूचित किया गया है और यदि हां, तो उसका स्पष्ट कानूनी आधार क्या है. आवेदन में आगे मांग की गई है कि यदि वीडियो बनाना या साझा करना अपराध की श्रेणी में आता है, तो इसके लिए भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम या अन्य प्रासंगिक कानूनों की कौन-कौन सी धाराएं लागू होती हैं, इसका स्पष्ट विवरण सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने समिति से आग्रह किया है कि यदि यह आदेश विधिक रूप से निराधार पाया जाता है, तो राज्य सरकार एवं संबंधित अधिकारियों को इसका तत्काल खंडन करने का निर्देश दिया जाए, ताकि आम जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके.
