क्या खत्म होने जा रहा है ईरान-अमेरिका युद्ध? ट्रंप के बड़े दावे से दुनिया में हलचल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद
3 महीने की जंग के बाद शांति की आहट, लेकिन तेहरान ने कहा—अभी अंतिम फैसला बाकी
ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में उत्साह देखने को मिला। शेयर बाजारों में तेजी आई, जबकि तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दूसरी ओर ईरान ने साफ किया है कि समझौते पर अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है और इस पर देश के शीर्ष निर्णयकारी संस्थानों में विचार चल रहा है।
इस संभावित समझौते की सबसे बड़ी वजह होर्मुज़ जलडमरूमध्य है, जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। युद्ध के दौरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई थी। अब यदि समझौता होता है तो इस मार्ग के पूरी तरह खुलने की संभावना बढ़ जाएगी।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि युद्ध को समाप्त करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है और समझौते के बाद समुद्री मार्ग सामान्य रूप से खुल जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।
हालांकि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। युद्धविराम के बावजूद हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रही है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ क्षेत्र में दो ईरानी ड्रोन मार गिराए, जबकि ईरानी मीडिया ने कुछ जहाजों की आवाजाही रोकने की खबर दी है।
इस बीच ईरान की प्रमुख मांगों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना, विदेशों में जमे अरबों डॉलर के फंड जारी करना और क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा शामिल है। वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान भविष्य में किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार कार्यक्रम से पूरी तरह दूर रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है तो यह केवल दो देशों के बीच शांति नहीं होगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, मध्य-पूर्व की राजनीति और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
दुनिया की नजरें इस समझौते पर क्यों?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने तेल की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया था। पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, शिपिंग लागत बढ़ी और कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव पड़ा। ऐसे में संभावित शांति समझौता दुनिया भर के बाजारों को राहत दे सकता है।
बड़ी बात
अगर इस सप्ताहांत समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो तीन महीने से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध समाप्ति की ओर बढ़ सकता है और दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति लाइन—होर्मुज़ जलडमरूमध्य—फिर से पूरी तरह सामान्य हो सकती है।
