महंगाई पर सियासत तेज: JMM के आंदोलन को BJP ने बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’
रांची। झारखंड की राजनीति में महंगाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए इसे जनता की समस्याओं से ज्यादा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया है।
आदित्य साहू ने कांग्रेस और JMM के गठबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने वाले दलों को पहले राज्य स्तर पर अपनी नीतियों और वादों का हिसाब देना चाहिए। भाजपा नेता ने पेट्रोल-डीजल पर वैट, बढ़ती बिजली दरों और चुनावी वादों को लेकर भी सरकार को घेरा।
साहू ने दावा किया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। वहीं उन्होंने यह भी पूछा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में महंगाई को लेकर चिंतित है, तो वह अपने स्तर पर करों में कमी और राहत योजनाओं पर ठोस निर्णय क्यों नहीं ले रही।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महंगाई का मुद्दा आने वाले समय में झारखंड की राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है। एक ओर JMM इसे जनता की आवाज बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक दिखावा करार दे रही है। ऐसे में असली सवाल यह है कि इस राजनीतिक टकराव के बीच आम जनता को राहत कब और कैसे मिलेगी।
फिलहाल महंगाई को लेकर शुरू हुई यह बयानबाज़ी केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं दिख रही, बल्कि आने वाले दिनों में यह राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनने की ओर बढ़ रही है। जनता की नजर अब इस बात पर है कि नेताओं के शब्दों से आगे बढ़कर ज़मीन पर क्या बदलाव दिखाई देता है।
