कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने बड़े मंगल के अवसर पर चुरुवा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे समाजवादी पार्टी और Akhilesh Yadav के साथ गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सीधे राजनीतिक समीकरणों पर जवाब देने के बजाय “मुख्य मुद्दों” पर ध्यान देने की बात कही।
राहुल गांधी ने कहा कि देश इस समय बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों से गुजर रहा है और विपक्ष इन असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाना नहीं चाहता। उन्होंने बिना गठबंधन पर स्पष्ट टिप्पणी किए संकेत दिया कि फिलहाल उनका फोकस आम लोगों की परेशानियों को उठाने पर है।
इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश यात्राओं और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “आर्थिक झटके” का सबसे ज्यादा असर आम जनता और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा, जबकि बड़े उद्योगपति और सत्ता के शीर्ष लोग इससे ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे।
रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी का मंदिर दर्शन और उनका राजनीतिक संदेश दोनों ही चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले विपक्षी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कांग्रेस अब खुद को “जनता के मुद्दों” वाली पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भविष्य में फिर किसी बड़े गठबंधन की तरफ बढ़ सकते हैं, या दोनों दल फिलहाल अपने-अपने राजनीतिक रास्ते मजबूत करने में लगे हैं।