नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब एक विदेशी पत्रकार और भारतीय अधिकारियों के बीच सवाल-जवाब के दौरान तीखी बहस देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम का सार वरिष्ठ डॉक्टर और सोशल मीडिया यूज़र डॉ. अजय कुमार ने अपने पोस्ट में साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
डॉ. अजय कुमार के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक विदेशी पत्रकार ने भारत में “Fundamental Rights” यानी मौलिक अधिकारों के उल्लंघन को लेकर सवाल पूछा। पत्रकार ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, इसलिए उन्होंने यह सवाल उठाया। जवाब में विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यदि किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो वह अदालत जा सकता है।
इसके बाद पत्रकार ने पलटकर कहा कि “असल सवाल यही है कि लोगों को अपने बुनियादी अधिकारों के लिए अदालत क्यों जाना पड़े?” इस सवाल के बाद माहौल थोड़ा गर्म दिखाई दिया। जवाब में MEA की ओर से कहा गया — “This is my press conference, I’ll decide, next question.”
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे भारत की मजबूत जवाबदेही और प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ यूज़र्स का मानना है कि सरकार को ऐसे सवालों का अधिक खुलकर जवाब देना चाहिए था।
ANI द्वारा साझा किए गए वीडियो में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ओस्लो, नॉर्वे में दिखाई गई, जहां भारतीय अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय पत्रकार लगातार सवाल पूछते नजर आए। अब यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है, जहां लोग प्रेस की आज़ादी, लोकतंत्र और सरकार की जवाबदेही पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं।