जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े एक मामले ने हड़कंप मचा दिया है। राशन वितरण में अनियमितता और लाभुकों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कोवाली क्षेत्र की एक पीडीएस दुकान को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, लाभुकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दिया जा रहा था और वितरण प्रक्रिया में लगातार गड़बड़ियां हो रही थीं। शिकायतों के बाद जब अधिकारियों ने जांच की, तो कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित जन वितरण प्रणाली दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण के बीच अंतर पाया गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार अपने अधिकार से वंचित रह सकते थे।
इस कार्रवाई के बाद इलाके के राशन कार्डधारकों में राहत की भावना है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से राशन वितरण को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन अब प्रशासन के एक्शन से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अन्य पीडीएस दुकानों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि कहीं और ऐसी अनियमितता हो तो उस पर भी कार्रवाई की जा सके।
पोटका की यह कार्रवाई एक संदेश भी है कि जनकल्याण योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अब पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।