RIMS में घोटालों की गूंज, CID की बड़ी एंट्री
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया और टेंडर आवंटन में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की दो विशेष टीमें रांची पहुंची हैं। जांच एजेंसियों की सक्रियता से संस्थान में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले पर राज्यभर की नजरें टिक गई हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच एजेंसियां कई स्तरों पर रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं चयन प्रक्रियाओं और टेंडर स्वीकृति में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता तो नहीं हुई। जांच के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्य आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।
RIMS लंबे समय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, ऐसे में इस तरह के आरोपों ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें CID की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि शिकायतों में कितना दम है और क्या इस मामले में किसी अधिकारी या अन्य संबंधित पक्ष की जवाबदेही तय होगी। जांच पूरी होने के बाद बड़े खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
