बिष्टुपुर में चल रहे ‘रेडियंट झारखंड’ प्रदर्शनी संपन्न, 10 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित
जमशेदपुर : विज्वल मिथ्स एवं ‘लेडीज़ सर्कल इंडिया जीएमसीएलसी संस्था के तत्वावधान में बिष्टुपुर के एक होटल में तीन दिनों तक चले ‘रेडियंट झारखंड’ मेगा प्रदर्शनी का समापन शनिवार को हो गया. समारोह में विशिष्ट अतिथि के रुप में सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया, समाजसेवी सह झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, आईसीएमआर के वैज्ञानिक पीके त्रिपाठी, डॉ. के गोपाल कृष्णा, एनआईसी झारखंड स्टेट यूनिट के सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर शिवानी कोरा, सोना देवी विश्व विद्यालय के चांसलर प्रभाकर सिंह, आरवीएस कॉलेज के प्राचार्य राजेश कुमार तिवारी एवं सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की प्राचार्या रंजीता गांधी मौजूद रहे. अतिथियों का स्वागत विज्वल मिथ्स के डायरेक्टर वनीस गुप्ता एवं प्रोजेक्ट हेड किंजल गांधी ने किया. मौके पर श्री काले ने कहा कि प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं की ओर से लगाए गए स्टॉल में विकसित भारत की झलक दिखी. उन्होंने कहा कि सांसद विद्युत बरण महतो के मार्गदर्शन में यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी सफल रही. भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उनका विशेष योगदान है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में आनेवाले छात्रों को नए-नए इनोवेशन की जानकारी मिली. वहीं स्थानीय लोग भी सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत हुए. उक्त प्रदर्शनी से 10 हजार से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए. इसके लिए उन्होंने आयोजक तथा प्रतिभागी संस्थाओं को साधुवाद दिया. अतिथियों का स्वागत विजुअल मिथ्स की अनिशा यादव तथा संचालन उदय चंद्रवंशी ने किया. इसके पूर्व सुबह 10 बजे से ही प्रदर्शनी देखने के लिए छात्रों की लंबी कतार लग गई. अपराह्न 2 बजे तक लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया. गौरतलब हो कि प्रदर्शनी की शुभारंभ 29 जनवरी को हुआ था.
बेस्ट स्टॉल को किया गया सम्मानित समारोह में प्रदर्शनी में शामिल बेस्ट स्टॉल को सम्मानित किया गया, जिसमें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, नॉर्थ इस्टर्न डेवलपमेंट फायनांस कारपोरेशन लि. (एनईडीएफआई) परमाणु ऊर्जा विभाग, गुजरात स्टेट हैंडलूम एंड हैंडिक्राफ्ट्स डेवलपमेंट कारपोरेशन लि., तमिलनाडू हल्टीकल्चर, नेशनल इंफोरमैटिक्स सेंटर (एनआईसी), तथा सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (सीआईपीएमसी) शामिल है. कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिशा यादव, विनोद कुमार, संतोष पवार, अमीषा सक्सेना, आदिती सक्सेना, मो. अफजल, दत्ता थोरे आदि ने महत्वपूर्ण योगदान किया.