समुद्र के नीचे छिपा है दुनिया का अगला ऊर्जा खजाना! SpaceX के पूर्व इंजीनियर का दावा—’यहीं से मिलेगी भविष्य की बिजली’
54 मिलियन डॉलर जुटाकर शुरू हुआ ऐसा मिशन, जो बदल सकता है पूरी दुनिया का ऊर्जा नक्शा
अमेरिका की नई स्टार्टअप Endurance Energy ने 54 मिलियन डॉलर (करीब 450 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। कंपनी का लक्ष्य है समुद्र के नीचे मौजूद विशाल भू-तापीय (Geothermal) ऊर्जा भंडार का उपयोग करके स्वच्छ और चौबीसों घंटे उपलब्ध बिजली पैदा करना।
कंपनी के संस्थापक एंड्रयू रेड्ड पहले SpaceX में Dragon और Starship जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं। अंतरिक्ष की ओर रॉकेट भेजने के बाद अब उन्होंने अपनी नजर पृथ्वी के सबसे कम खोजे गए क्षेत्र—समुद्र की गहराइयों—पर टिकाई है।
समुद्र के नीचे आखिर है क्या?
पृथ्वी के कई हिस्सों में टेक्टोनिक प्लेटें लगातार अलग हो रही हैं। इन क्षेत्रों में धरती के भीतर मौजूद बेहद गर्म मैग्मा सतह के काफी करीब पहुंच जाता है। यही गर्मी भू-तापीय ऊर्जा का विशाल स्रोत बनती है।
आज तक ज्यादातर कंपनियां जमीन पर गहरे कुएं खोदकर इस ऊर्जा को निकालने की कोशिश करती रही हैं। लेकिन Endurance Energy का मानना है कि असली खजाना समुद्र के नीचे छिपा हुआ है, जहां ऊर्जा का भंडार कहीं ज्यादा विशाल और लगभग असीमित है।
क्यों खास है यह तकनीक?
सौर और पवन ऊर्जा साफ तो हैं, लेकिन मौसम पर निर्भर करती हैं। दूसरी ओर, परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने में वर्षों लग जाते हैं।
भू-तापीय ऊर्जा की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह दिन-रात, सालभर लगातार बिजली दे सकती है। विशेषज्ञ इसे “बेसलोड पावर” कहते हैं, यानी ऐसी ऊर्जा जो कभी बंद नहीं होती।
एंड्रयू रेड्ड का दावा है कि यदि समुद्र के नीचे मौजूद संसाधनों का केवल एक छोटा हिस्सा भी सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो गया, तो यह दुनिया के कई बड़े तटीय शहरों की बिजली जरूरतें पूरी कर सकता है।
रोबोट करेंगे समुद्र के नीचे काम
हालांकि यह मिशन आसान नहीं है। समुद्र की गहराई में अत्यधिक दबाव, खारा पानी और कठिन परिस्थितियां बड़ी चुनौती हैं। इसलिए कंपनी अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम विकसित कर रही है जो समुद्र के भीतर जाकर ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण और संचालन में मदद करेंगे।
रेड्ड का कहना है कि तेल और गैस उद्योग दशकों से समुद्र में ड्रिलिंग करता आ रहा है, इसलिए तकनीकी अनुभव पहले से मौजूद है। अब उसी अनुभव को स्वच्छ ऊर्जा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
AI युग की ऊर्जा जरूरतों का जवाब?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI डेटा सेंटरों की बिजली मांग विस्फोटक रूप से बढ़ेगी। ऐसे में दुनिया को ऐसे ऊर्जा स्रोत चाहिए जो स्वच्छ हों, लगातार उपलब्ध हों और बड़े पैमाने पर बिजली पैदा कर सकें।
Endurance Energy का दावा है कि प्रशांत महासागर के “Ring of Fire” क्षेत्र में अगले 5 से 10 वर्षों के भीतर लगभग 6 टेरावाट ऊर्जा क्षमता विकसित की जा सकती है। तुलना के लिए, पूरी दुनिया इस समय औसतन करीब 20 टेरावाट ऊर्जा का उपयोग करती है।
क्या यह ऊर्जा क्रांति की शुरुआत है?
अभी यह विचार शुरुआती चरण में है, लेकिन यदि Endurance Energy अपनी योजना में सफल होती है, तो भविष्य में समुद्र के नीचे मौजूद गर्मी दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा संपत्ति बन सकती है।
संभव है कि आने वाले वर्षों में तटीय शहरों की रोशनी, फैक्ट्रियां, AI डेटा सेंटर और लाखों घर समुद्र की गहराइयों में छिपी आग से चलें। और तब ऊर्जा की दुनिया में एक नई क्रांति का जन्म होगा।
