West Bengal Assembly Election 2026 : बाइक पर पाबंदी के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर
West Bengal Assembly Election 2026
Kolkata :पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच निर्वाचन आयोग के एक फैसले ने कानूनी मोड़ ले लिया है। आयोग द्वारा मतदान के दौरान बाइक के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंधात्मक निर्देशों को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने इस मामले में याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है, जिस पर संभवतः गुरुवार को सुनवाई हो सकती है।
क्या है निर्वाचन आयोग का निर्देश?
उल्लेखनीय है कि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत मतदान से दो दिन पहले से कई कड़े नियम लागू किए गए हैं :
- मतदान से 48 घंटे पहले से किसी भी प्रकार की बाइक रैली पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- शाम 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक बाइक चलाने पर पाबंदी लगाई गई है।
- मतदान वाले दिन भी बाइक संचालन के लिए कड़े मापदंड निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और कुछ निर्धारित श्रेणियों को इन नियमों से रियायत दी गई है।
याचिकाकर्ता की दलील
उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग का यह निर्णय व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने अदालत में कहा कि बाइक पर इस तरह के व्यापक प्रतिबंध लगाने से आम नागरिकों को आवाजाही में भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ सार्वजनिक परिवहन के साधन सीमित हैं, वहाँ लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। इसी आधार पर आयोग की निर्देशिका को रद्द करने या उसमें ढील देने की मांग की गई है।
चुनावी शुचिता बनाम नागरिक सुविधा
निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा बाइक का उपयोग अशांति फैलाने और मतदाताओं को डराने के लिए किया जा सकता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब कलकत्ता उच्च न्यायालय को यह तय करना है कि आयोग का यह सुरक्षात्मक कदम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और उनकी सुविधा के बीच कितना संतुलित है। गुरुवार को होने वाली इस सुनवाई पर सभी राजनीतिक दलों और आम जनता की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट का फैसला आगामी चरणों के मतदान की व्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।
