May 27, 2026

Amit Shah’s Big Order:अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त!

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सर्च न्यूज: सच के साथ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। 26 मई 2026 को राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध ढांचों और निर्माणों को तत्काल ध्वस्त करने का आदेश दिया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक शामिल हुए。 शाह ने निर्देश दिया कि पिछले कई वर्षों में सीमा के करीब विकसित हुए सभी अनधिकृत निर्माणों को हटाया जाए ताकि सुरक्षा ग्रिड को बिना किसी बाधा के प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने सीमावर्ती जिलों को निर्देश दिया कि वे इन अवैध निर्माणों के पीछे के स्रोतों और नेटवर्कों का गहन अध्ययन करें ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न पनपें।

सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए, गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों में एक ‘360-डिग्री सुरक्षा ग्रिड’ तैयार करने पर जोर दिया। इस ग्रिड में स्थानीय नागरिकों, राज्य सरकार की मशीनरी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों जैसे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी, जाली आधार कार्ड और आतंकी वित्तपोषण (टेरर फाइनेंसिंग) जैसे सीमा पार अपराधों पर नकेल कसने के लिए BSF, NCB और CBDT जैसी एजेंसियों को एकीकृत होकर काम करने का निर्देश दिया।

अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ (VVP-II) के प्रभावी कार्यान्वयन की भी वकालत की。 उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर किया जाए और सभी कल्याणकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ स्थानीय आबादी तक पहुँचाया जाए। सरकार का लक्ष्य तकनीक और विकास के माध्यम से सीमाओं को अभेद्य बनाना है, जिसके लिए अगले एक वर्ष के भीतर आधुनिक सेंसरों और ड्रोनों से लैस एक ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना को भी लागू किया जाएगा।