June 30, 2026

IAS अफसर के परिवार को मिली करोड़ों की सरकारी सब्सिडी!

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की बागवानी प्रोत्साहन योजना को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के परिवार के तीन सदस्यों—मां, पत्नी और बेटे—को पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की योजना के तहत कुल 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इसी योजना के तहत केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री को मिली सब्सिडी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

राजस्थान कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार, जो वर्तमान में केंद्र सरकार में सचिव पद पर कार्यरत हैं, उनके परिवार के नाम पर जयपुर जिले में व्यावसायिक खीरा उत्पादन की कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली। रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी मां को लगभग 46.03 लाख रुपये, बेटे को 46.49 लाख रुपये और पत्नी के नाम दर्ज परियोजना को 24.36 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई। सभी परियोजनाएं केंद्र की व्यावसायिक बागवानी योजना के अंतर्गत स्वीकृत हुई थीं।

जांच में यह भी सामने आया कि गंगवार ने अनिवार्य अचल संपत्ति घोषणा में इन परियोजनाओं में से केवल एक का ही उल्लेख किया था। हालांकि, उन्होंने अपने जवाब में कहा कि अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों के अनुसार केवल आश्रित परिवार के सदस्यों की संपत्तियों का खुलासा करना आवश्यक है और उन्होंने नियमों के अनुरूप ही जानकारी दी है। वहीं, उनके हालिया संपत्ति विवरण में संबंधित कृषि भूमि और परियोजना का उल्लेख किया गया है।

यह मामला सरकारी योजनाओं में हितों के टकराव (Conflict of Interest) और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। फिलहाल किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन का आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन इस खुलासे ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के चयन और उनके प्रकटीकरण की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और जवाबदेह है।