न्यूनतम बोनस देकर मजदूरों का हकमारी कर रही है कंपनियां
जमशेदपुर : यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव सह टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज ने उप श्रमायुक्त को पत्र सौंपकर आदित्यपुर के औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों को पूजा से पूर्व लाभांश के आधार पर बोनस दिलाने की मांग की है. पत्र में उन्होंने लिखा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में दुर्गापूजा के पूर्व बोनस देने का प्रावधान है. लेकिन इधर यह देखने में आ रहा है कि कुछ बड़ी औद्योगिक इकाइयों को छोडक़र कोई भी न तो समय पर और न ही सही तरीके से बोनस का भुगतान कर रहे हैं. बोनस का भुगतान औद्योगिक इकाइयों के हुए लाभ पर आधारित है एवं उन्हें लाभ न होने की स्थिति में न्यूनतम 8.33 प्रतिशत बोनस देना है जबकि लगभग 90 प्रतिशत कार्यरत इकाइयों में 8.33 प्रतिशत को ही अपना बोनस देने का आधार बनाकर कार्य करती है.
यही नहीं, कई इकाइयां तो बोनस का भुगतान करती ही नहीं है. उन्हें बोनस का भुगतान नहीं करना पड़े इसलिए वह मजदूरों को ठेकेदार के द्वारा कार्य में नियोजित करती है. श्री राज ने लिखा है कि ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां और उनके वेंडर न्यूनतम बोनस 8.33 प्रतिशत देकर मजदूरों का वास्तविक हक देने से कतराते हैं. औद्योगिक इकाइयों और उसके वेंडर को न्यूनतम 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस देना है, मगर ज्यादातर इकाइयां न्यूनतम बोनस देकर मजदूरों की हकमारी कर रही है. इसलिए अनुरोध किया कि इन संपूर्ण बिंदुओं पर जांच कर मजदूरों को लाभांश पर आधारित बोनस औद्योगिक इकाइयों और उनके वेंडर (ठेकेदार) से दिलाने में सहयोग करें.
