June 30, 2026

रक्षा निर्माण में तमिलनाडु का बड़ा दांव, ₹3 लाख करोड़ पर नजर

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भारत के तेजी से बढ़ते रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब तमिलनाडु को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से विभिन्न शहरों में उद्योग जगत के साथ संवाद बढ़ाया जा रहा है, ताकि निवेशकों को रक्षा क्षेत्र में उभरते अवसरों से जोड़ा जा सके।

मदुरै में आयोजित तमिलनाडु डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (TNDIC) के उद्योग संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि बीते वर्ष भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.54 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया, जबकि रक्षा निर्यात ₹38,000 करोड़ से अधिक रहा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को ₹3 लाख करोड़ और निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अत्याधुनिक विनिर्माण ढांचे, मजबूत औद्योगिक आधार और बेहतर लॉजिस्टिक्स के कारण तमिलनाडु वैश्विक रक्षा कंपनियों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन सकता है। इससे स्थानीय उद्योगों को नई तकनीक, उत्पादन क्षमता और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तमिलनाडु इस अवसर का प्रभावी ढंग से लाभ उठाता है, तो यह न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाई देगा, बल्कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन को भी गति मिलेगी। बढ़ते निवेश, आधुनिक तकनीक और निर्यात क्षमता के साथ तमिलनाडु आने वाले वर्षों में भारत के रक्षा विनिर्माण मानचित्र पर सबसे अहम राज्यों में शामिल हो सकता है।