May 6, 2026

स्टोन माइनिंग के खतरनाक गड्ढों पर विधायक संजीव सख्त, विस में उठाया मुद्दा

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● गड्ढों के शीघ्र समतलीकरण की मांग, विधायक ने जिले में हादसों को रोकने की पहल शुरू की

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जमशेदपुर : पोटका विधायक संजीव सरदार ने जिले में स्टोन माइनिंग के बाद छोड़े गए खतरनाक गड्ढों का मुद्दे को जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने ‘शून्य काल’ के दौरान सदन के समक्ष यह मामला रखते हुए कहा कि जिले के कई स्थानों पर खनन के बाद गहरे और जानलेवा गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. खासकर वर्षा ऋतु में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.
कहा कि संबंधित लीजधारकों द्वारा अब तक इन गड्ढों का समुचित समतलीकरण नहीं कराया गया है, जो नियमों के विपरीत है. ऐसे में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है. सरकार से मांग की है कि इन खतरनाक गड्ढों का शीघ्र समतलीकरण कराया जाए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो.

जेएलएसपीएस कर्मियो के लिए संशोधित नियमावली जल्द होगी लागू

● विधायक संजीव सरदार के सवाल पर सरकार का जवाब

पोटका विधायक संजीव सरदार ने झारखंड विधानसभा में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कर्मियों के हितों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने राज्य में कार्यरत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी ( जेएसएलपीएस) के कर्मियों के लिए नई मानव संसाधन नियमावली लागू करने की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. विधायक के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्य जेएसएलपीएस के माध्यम से संचालित हो रहे हैं. बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के “संशोधित मॉडल मानव संसाधन नियमावली” को लागू करने की प्रक्रिया जारी है और इस दिशा में शासी निकाय से आवश्यक सहमति मिल चुकी है.

नियमावली लागू होने से कर्मियों को क्या होगा लाभ

यह नियमावली लागू होने से ग्रामीण आजीविका कर्मियों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं, जिनमें सेवा शर्तों की स्पष्टता, वेतन एवं भत्तों में सुधार, पदोन्नति के बेहतर अवसर, नौकरी की स्थिरता और कार्य के अनुरूप अधिकारों का संरक्षण शामिल है.

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