Dr. Pawan Pandey statement : महिला आरक्षण पर आर-पार: डॉ. पवन पांडेय का बड़ा बयान, कहा—’विधेयक में देरी नारी शक्ति का अपमान और लोकतंत्र के खिलाफ’
Dr. Pawan Pandey statement
नई दिल्ली/लखनऊ: देश में महिला आरक्षण विधेयक (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को लागू करने की मांग और इसके क्रियान्वयन में हो रही देरी पर राजनीति गरमा गई है। प्रख्यात विचारक और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. पवन पांडेय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकार से वंचित रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार
विधेयक को लेकर फिलहाल परिसीमन (Delimitation) और जनगणना (Census) की शर्तों पर बहस छिड़ी हुई है। डॉ. पवन पांडेय का मानना है कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो इन तकनीकी कारणों को जल्द से जल्द दूर कर इसे आगामी चुनावों से ही प्रभावी बनाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं की भागीदारी को इसी तरह टाला गया, तो देश का विकास समावेशी नहीं हो पाएगा।
सामाजिक चेतना की आवश्यकता
बयान में आगे कहा गया कि महिला आरक्षण केवल सीटों का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक संरचना में बदलाव का एक बड़ा माध्यम है। डॉ. पांडेय ने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक के पूर्ण कार्यान्वयन का समर्थन करें।
