खबर: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी सेना ने बुधवार रात ईरान में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर हवाई हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह वही ठिकाना था, जिसे अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा माना जा रहा था, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास।
इस कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ड्रोन भी मार गिराए, जिन्हें क्षेत्र में खतरा पैदा करने के लिए भेजा गया था। अधिकारियों का दावा है कि ये ड्रोन अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री मार्गों पर हमला कर सकते थे, इसलिए उन्हें समय रहते रोक दिया गया।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। फरवरी के अंत में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर साफ देखा जा रहा है।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी संभावित समझौते की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग पूरी तरह खुला रहेगा और उस पर किसी तरह का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही इन सैन्य कार्रवाइयों के चलते क्षेत्र में स्थिति और ज्यादा अस्थिर हो सकती है, जिसका असर केवल ईरान और अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।